Gurugram News: गुरूग्रामवासियों का सफर होगा शानदार, गुरुग्राम की सड़कों पर इसी साल दौड़ने लगेंगी 300 नई सिटी बसें
Gurugram 300 City Buses: गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण ने शहर की परिवहन व्यवस्था को को हैकटेक बनाने के लिए बड़ी योजना बनाई है। आने वाले तीन वर्षों में 900 सिटी बसों के संचालन की योजना तैयार की गई है, जिसमें से 300 सिटी बसें 2025 के अंत तक सड़कों पर दौड़ती नजर आएंगी।

Gurugram News: गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण ने शहर की परिवहन व्यवस्था को को हैकटेक बनाने के लिए बड़ी योजना बनाई है। आने वाले तीन वर्षों में 900 सिटी बसों के संचालन की योजना तैयार की गई है, जिसमें से 300 सिटी बसें 2025 के अंत तक सड़कों पर दौड़ती नजर आएंगी।
इस योजना को लेकर सेक्टर-10 में ई-बस डिपो भी तैयार किया जा चुका है। वहीं सेक्टर-48 में ई-बस डिपो के निर्माण का काम चल रहा है, जिसे दिसंबर तक पूरा करने की संभावना जताई गई है सेक्टर-68 से 95 और सेक्टर-99 से 115 तक 154 बस क्यू शेल्टर भी इस साल अंत तक तैयार कर लिया जाएगा। वर्तमान में गुरुग्राम में 150 सिटी बस चलाईं जा रही हैं।
इन बसों को गुरुग्राम महानगर सिटी बस लिमिटेड (GMCBL) की ओर से किया जा रहा है। GMDA आने वाले 3 साल में 900 सिटी बस चलाने की योजना बनाई गई है। योजना के तहत 300 सिटी बस मुहैया करवाने के लिए शहरी आवास मंत्रालय में आग्रह भी कर दिया गया है। परिवहन विभाग का कहना है कि इस साल के अंत तक सिटी बस का संचालन कर दिया जाएगा।
बसों के संचालन से मिलेनियम सिटी की परिवहन व्यवस्था में काफी हद तक सुधार देखने को मिलेगा। बताया जा रहा है कि द्वारका एक्सप्रेसवे, सर्दर्न पेरिफेरियल रोड (SPR) और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड से सटे सेक्टरों में विकसित रिहायशी सोसाइटियों के लोग काफी लंबे समय से सिटी बस के संचालन की मांग कर रहे हैं।सिटी बस सर्विस की सुविधा ना होने की वजह से शहर के लोग ऑटो या टैक्सी का इस्तेमाल करते हैं।

सिटी बस सर्विस के आने का कोई समय भी तय नहीं है, कई बार तो सिटी बस के लिए यात्रियों को आधे से पौने घंटे तक का इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में यात्री ऑटो या टैक्सी का सहारा लेते हैं, जिनका किराया महंगा होता है। इसके अलावा यात्री ऑटो और टैक्सी में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते हैं। सेक्टर-48 में ई-बस डिपो 35 प्रतिशत तैयार हो चुका है। बताया जा रहा है कि 15 अप्रैल को एक ठेकेदार को इसे बनाने का काम सौंपा गया था।
इस बस डिपो पर 17 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। GMDA की ओर से कहा गया है कि 22 दिसंबर तक इसे बना लिया जाएगा। वहीं सेक्टर-68 95 और सेक्टर-99 से 115 में 154 बस क्यू शेल्टर तैयार किया जा रहा है, इसे 50% तक बना लिया गया है। इन क्यू शेल्डर को करीब 34 करोड़ रुपये में तैयार किया जाएगा। संभावना है कि इसे भी 22 दिसंबर तक तैयार कर लिया जाएगा। सेक्टर-103 में ई-बस डिपो निर्माण की योजना GMDA की योजना द्वारका एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-103 में ई-बस डिपो को तैयार किया जाएगा।

निगम की ओर से इसे लेकर 7.18 एकड़ जमीन उपलब्ध करवाई जाएगी। जमीन के बदले निगम ने GMDA से करीब 39 करोड़ रुपये मांगे हैं। GMDA के अधिकारी ने राशि को निगम के खाते में जमा करवाने की मंजूरी दे दी है। बताया जा रहा है कि अगले सप्ताह तक पैसा गुरुग्राम नगर निगम को भेज दिया जाएगा। जिसके बाद जमीन का कब्जा लेकर ई-बस डिपो को बनाने के लिए DPR भी तैयार की जाएगी।नाहरपुर कासन में भी ई-बस डिपो बनाया जाएगा। GMDA ने नाहरपुर कासन गांव में ई-बस डिपो को बनाने की योजना बनाई है।
इसे लेकर HSIIDC से12 एकड़ जमीन उपलब्ध करवाने का आग्रह किया है। ये जमीन ओपन स्पेस जोन के अंतर्गत आती है। इस जमीन को मिलने के बाद हरियाणा सरकार से जमीन के स्वरूप को बदलने का आग्रह किया जाएगा। मौजूदा समय में गुरुग्राम और मानेसर के बीच में रोजाना 30 सिटी बस चल रही हैं। बस डिपो नहीं होने की वजह से गुरुग्राम के सेक्टर-10 से सुबह के समय में सिटी बस मानेसर जाती है, जहां से सवारियां भरकर गुरुग्राम आती है। GMDA मोबिलिटी शाखा के महाप्रबंधक कर्नल आरके सिंघल के मुताबिक, बस डिपो बन जाने के बाद मानेसर में बस खड़ी हो जाएंगी।











